संस्‍कृतजगत्

संस्‍कृत सहायता प्रकोष्‍ठ | SANSKRIT HELP FORUM

Mohit Kumar Vaish

अर्थ क्या है इस श्लोक में

भूमिकामो भूतिकामः षण्मासं च जपेत्सुधीः।
प्रतिकृत्या विनाशार्थं जपे त्रिशत मुत्तमम्॥

समय : 06:46:13 | दिनाँक : 23/06/2020
उत्‍तर दें
SWARUPANAND PANDEY

भूमि प्राप्ति व भूति (विभूति या धन-ऐश्वर्य )की इच्छा करने वाले सुधी व्यक्ति को छ माह तक महामन्त्र का जाप करना चाहिए।इस क्रिया की कोई प्रतिक्रिया (प्रतिकूल प्रभाव)न हो अथवा अपने अहित करने/चाहने वाले के विनाश (शमन) हेतु इस उत्तम मन्त्र का तीन सौ (तीन माला)जप करना चाहिए।यद्यपि यह और भी स्पष्ट होगा यदि इसके आगे पीछे के श्लोक भी लिखे जायें।

Dr VIVEKANAND PANDEY

भूमिकामो भूतिकामः षण्मासं च जपेत्सुधीः।
प्रतिकृत्या विनाशार्थं जपे त्रिशत मुत्तमम्॥

श्लोक की वर्तनी त्रुटिपूर्ण है
फिर भी भावार्थ बताने का प्रयत्न करता हूँ
भूमि की इच्छा करने वाला, सिद्धि का इच्छुक विद्वान् छः मास तक जप करे । (शत्रु के) प्रतिकार या विनाश के लिये तीन सौ बार उत्तम जप करे ।

ये सम्भावित अनुवाद है ।

X

प्रश्‍न पूँछें

X