Monier–Williams
अधिक्षि — {adhi-kṣi} √1. (3ḍu: {-kṣitáḥ}##3. pl. {-kṣiyánti}) to be settled in or over, be extended over or along (acc. or loc.) RV. MBh. i, 722 and 730##to rest upon ŚBr
इन्हें भी देखें :
अधिक्षित्;
अधिक्षिप्;
अधिक्षिपदब्जनेत्र;
अधिक्षिप्त;
प्रक्षिप्त, अधिक्षिप्त, आक्षिप्त, निविद्ध, विनिपातित, अवक्षिप्त, उप्त, आपातित, निपातित, अपासित, न्युप्त, प्रत्यस्त, अवपीडित, न्यर्पित, भ्रंशित;
श्रि, आश्रि, उपाश्रि, समाश्रि, अवलम्ब्, आलम्ब्, लम्ब्, उपश्रम्, निधा, उपधा, अवष्टम्भ्, अधिक्षि;
अवमन्, अपमन्, अवज्ञा, तिरस्कृ, अधिक्षिप्, निकृ, अतिब्रू, परिभू, निन्द्, गर्ह्, गर्हय, कुत्सय, लघूकृ, आक्षिप्, क्षिप्, उपक्षिप्, समाक्षिप्, आधर्षय, अवधर्षय, सम्प्रधर्षय, दुर्जनीकृ, कात्कृ, प्रस्तोभय, लङ्घय, विप्रलम्भय;
उपालभ् आक्षिप्, अधिक्षिप्, निन्द्;
अनन्तरम्, पश्चात्;
गर्ह्, विगर्ह, शप्, अधिक्षिप्, तर्जय, निन्द्, क्षिप्, अभितर्जय, आतर्जय, अभिभर्त्सय, अवगर्ह्, उपालभ्, परिभर्त्स्, परिभर्त्सय, समभितर्जय, विनिन्द्, तिरस्कृ, संतर्जय, सन्तर्जय, अपध्वंस्, उपक्रुश्, उपकृ, परिगर्ज्;
सन्तर्ज्, सन्तप्, कुप्, परिगर्ज्, परिभर्त्स्, समभितर्ज्, उपालभ्, उपक्रुश्, आतर्ज्, अभिनिर्भर्त्स्, अधिक्षिप्, अवभर्त्स्;
अपमानित, अनादृत, तिरस्कृत, अवमानित, निन्दित, अधिक्षिप्त, अपनीत, अपवादित;