अविपक्वकषाय — {kaṣāya} mfn. whose passions or sins have not yet ripened, i.e. are not yet quite extinguished BhP
Arth
नाम का अर्थ
Nam ka arth
झंडा
MEANING OF KAVACA
प्रश्न का शीर्षक
Me
हिंदी में अर्थ
मोटरबोट की संस्कृत
समपृति