संस्‍कृतशब्‍दकोशः

संस्‍कृत-हिन्दी-आंग्ल शब्दकोश


Monier–Williams

क्षर् — {kṣar} cl. 1. P. {kṣárati} (ep. also Ā. {te}##Ved. cl. 2. P. {kṣariti} Pāṇ. 7-2, 34##Subj. {kṣarat}##impf. {ákṣarat}##aor. 3. sg. {akṣār} (cf. Nir. v, 3)##{akṣārīt} Pāṇ. 7-2, 2##p. {kṣárat}##inf. {kṣáradhyai} RV. i, 63, 8), to flow, stream, glide, distil, trickle RV. AV. ŚBr. R. &c##to melt away, wane, perish Mn. MBh. iii, 7001##to fall or slip from, be deprived of (abl.) MBh. xiii, 4716##to cause to flow, pour out RV. AV. vii, 18, 2 Mn. ii, 107 MBh. &c. (with {mūtram}, 'to urine' Car. ii, 4)##to give forth a stream, give forth anything richly MBh. Hariv. 8898 (pf. {cakṣāra}) R. Ragh.: Caus. {kṣārayati}, to cause to flow (as urine) Vait##to overflow or soil with acrid substances (cf. {kṣāra}) MārkP. viii, 142 (cf. {kṣārita}.)

इन्हें भी देखें : अक्षर्य; अतिक्षर्; अनुक्षर्; अभिक्षर्; अभिप्रक्षर्; अभ्यतिक्षर्; अवक्षर्; आक्षर्; रूपघनाक्षरी; कुठारः, कुठारी, वृक्षर्भदी; स्रु, प्रस्रु, परिस्रु, स्यन्द्, प्रस्यन्द्, प्रसृ, संसृ, क्षर्, वह्, प्रवह्, पयस्य; प्रस्रु, स्रु, प्रस्यन्द्, प्रस्यंद, निष्यन्द्, निष्यंद्, अभिष्यन्द्, अभिष्यंद्, क्षर्, गल्, सृ, प्रवह्, री, द्रु;