द्विमुखीसर्पः — सः सर्पः यस्य मुखं पुच्छं च समानमेव भासते।; "व्यालिकः द्विमुखीसर्पम् प्रदर्शयामि इति मिथ्या आचरति।" (noun)
Arth
नाम का अर्थ
Nam ka arth
झंडा
MEANING OF KAVACA
प्रश्न का शीर्षक
Me
हिंदी में अर्थ
मोटरबोट की संस्कृत
समपृति