Monier–Williams
पक्त्र — {pakḍtra} n. the state of a householder who possesses a sacred fire or that fire perpetually maintained by him Uṇ. iv, 166
इन्हें भी देखें :
पक्त्रिम;
विपक्त्रिम;
सद्यस्तन, सद्यस्क, अयातयाम, अयातयामन्, सरस, हृषित, ह्लादुक;
पक्व, परिणत, परिपक्व, सुपक्व, पक्त्रिम, पक्वतापन्न, पक्वदशापन्न, पक्वदशाप्राप्त;