परिवृध् — क्षुपादीनां वृद्ध्यनुकूलः व्यापारः।; "वर्षाजलेन शुष्कः क्षुपः परिवर्धते।" (verb)
परिवृध् — {pari-√vṛdh} Ā. {-vardhate}, to grow, grow up, increase Kāv. Rājat. Suśr.: Caus. {-vardhayati}, {te}, to bring up, rear, increase, augment MBh. Kāv##to rejoice, delight (with gen.) Hariv
इन्हें भी देखें :