पिष्टपेषण
वृथा आवृत्ति
to grind what is already ground, repetition
पिष्टपेषण — {peṣaṇa} n. id##{-nyāya} m. the rule of grinding flour ({yena}, on the principle of 'grinding the ground' i.e. labouring uselessly) ĀpGṛ. Sch
इन्हें भी देखें : पिष्टपेषणम्;
Arth
नाम का अर्थ
Nam ka arth
झंडा
MEANING OF KAVACA
प्रश्न का शीर्षक
Me
हिंदी में अर्थ
मोटरबोट की संस्कृत
समपृति