संस्कृत — हिन्दी
मर्दय — हस्तैः अन्यस्य सुखकारकगात्रघर्षणानुकूलः व्यापारः।; "शरीरपुष्टयर्थं तैलेन मर्दयति।" (verb)
इन्हें भी देखें :
मिमर्दयिषु;
अर्बुदः;
संमृद्;
लेटी;
पेषय, आपीडय, क्षोदय, खण्डय, चूर्णय, प्रचूर्णय, घर्षय, निष्पेषय, आस्फोटय, अवमर्दय, आदारय, आदायय, कुट्टय;
पात्रम्, कपालः, कपालकः, कर्परः, कुण्डः, कुण्डी, पात्रकम्, पात्रिका;