संस्कृत — हिन्दी
रक्ष्, परिरक्ष् — वस्तुविशेषसम्यगावस्थानिर्वाहानुकूलः व्यापारः।; "लवणकं तैललेपेन दीर्घकालं यावत् रक्षेत्।" (verb)
इन्हें भी देखें :
रक्ष्, परिरक्ष्, पालय, परिपालय;
रक्ष्, अनुरक्ष्, अभिरक्ष्, प्रतिरक्ष्, विरक्ष्, संरक्ष्, परिरक्ष्;
रक्ष्, अनुरक्ष्, अभिरक्ष्, अनुपालय, प्रतिरक्ष्, विरक्ष्, संरक्ष्, परिरक्ष्, सावधानीभू;
रक्ष्, संरक्ष्, परिरक्ष्;