वृ, वरय, उद्धृ, उद्ग्रह् — बहुषु वस्तुषु वाञ्छितानि वस्तूनि परिग्रहणानुकूलः व्यापारः।; "वस्त्रापणात् अहं शाटिकानां दश वृणे।" (verb)
Arth
नाम का अर्थ
Nam ka arth
झंडा
MEANING OF KAVACA
प्रश्न का शीर्षक
Me
हिंदी में अर्थ
मोटरबोट की संस्कृत
समपृति