Monier–Williams
संस्पृश् — {saṃ-√spṛś} P. {-spṛśati} (rarely Ā. {te}), to touch, bring into contact with (Ā. 'touch one's self') AV. &c. &c##(with or without {salilam}, {apas} &c.) to touch water, sprinkle, wash MBh. R##to touch, come into contact (in astrol, sense) VarBṛS##to reach or penetrate to, attain MBh. Kathās. BhP. Jātakam##to come into close relation with (acc.) Rājat##to come upon, visit, afflict R##to take out of (abl.) MBh. viii, 788: Caus. {-sparśayati}, to bring into contact TS. Br. ŚrS
संस्पृश् — {saṃ-spṛś} mfn. touching (comp.) Amar
इन्हें भी देखें :
अनुसंस्पृश्;
अभिसंस्पृश्;
परिसंस्पृश्;
ग्रह्, परिग्रह्, उपग्रह्, उपयम्, आसंग्रह्, आसङ्ग्रह्, आदा, उपाधा, उपादा, उपहन्, उपालभ्, निग्रह्, प्रतिग्रह्, अभ्यादा, उपलभ, अभिप्रयुज्, अपहन्, समालभ्, परिमृश्, अनुमृश्, अभिप्रमृश्, अभिसंस्पृश्, अभिसमृ, आयु, संरभ्, अभ्यारभ्, अभिसंरभ्, आक्रम्, आबध्;
परावर्तनम्, वक्रीभावः, वक्रीकरणम्;
प्रक्षालय, परिक्षालय, उपस्पृश्, धाव्, प्रधाव्, निज्, निर्णिज्, प्रणिज्, परिनिर्णिज्, परिमृज्, प्रमृज्, स्नापय, उपस्नापय, अवस्नापय, संस्नापय, संस्पृश्, सम्प्रस्पृश्, निर्मादय, संरी;
संवह्, विमृश्, सम्मृज्, परिमृज्, उपमृज्, मृज्, उन्मृज्, उन्नी, परामृश्, परिस्पृश्, परिसंस्पृश्, मृश्, विमृज्, सम्मृश्, स्पृश्;