संस्‍कृतशब्‍दकोशः

संस्‍कृत-हिन्दी-आंग्ल शब्दकोश


संस्कृत — हिन्दी

अवरुध् — समस्याभिः ग्रस्तानुकूलः व्यापारः।; "स्मितायाः गृहं गत्वा अहं तस्याः परिवारस्य समस्याभिः अवारुध्ये।" (verb)

Monier–Williams

अवरुध् — {ava-√rudh} P. (aor. {-rudhat}) to obstruct, enclose, contain RV. x, 105, 1, (Inf. {-roddhum}) to check, keep back, restrain R. iii, 1, 33, to expel Kauś. ŚāṇkhŚr. R. ii, 30, 9##{-ruṇaddhi}, to seclude, put aside, remove ŚBr. KaushBr. ṢaḍvBr##to shut in, (aor. Ā. {avâruddha} and Pass. {avârodh}) Pāṇ. 3-1, 64 Sch##to keep anything (acc., as one's grief) locked up (in one's bosom, acc.) Bhaṭṭ##(ind. p. {-rudhya}) to keep one's self ({ātmānam}) wrapped up in one's self ({ātmani}) BhP##(impf. {avâruṇat}) to confine within, besiege Daś.: Ā. {-rundhe} (for {nddhe} AV##impf. {avârundha} TS##ind. p. {-rúdhya} ib##Ved. Inf. {-rúdham} ib. and {-rudham} MaitrS.) chiefly Ved. to reach, obtain, gain: P. (p.f. {-rundhatī}##cf. {anu√rudh}) to be attached to, like BhP.: Desid.A. {-rurutsate}, Vedṭo wish to obtain or gain TS. &c.: Intens.P. (Subj. 2. sg. {-rorudhas}) to expel from' (the domimon) R. si, 58, 20

इन्हें भी देखें : अवरुध्यमान; स्पर्शः; स्थापनम्; अवरोधकम्, रोधः, सम्बाधनम्; संवृ, आवृ, निरुध्, अवरुध्; संरुध्, अवरुध्, निरुध्, निग्रह्, नियम्, संयम्, निबन्ध्, प्रतिबन्ध्, आवृ, संहृ; रुध्, अवरुध्, संरुध्, समारुध्, निरुध्, प्रतिबन्ध्, आवृ; अवरुध्, संयम्, नियम्, निग्रह्, संरुध्, निरुध्, निवर्तय, प्रशमय, शमय; निष्कासय, उत्सारय, निःसारय, निरस्, निर्धू, निर्यापय, निर्वद्, निर्वासय, उच्चाटय, समुत्पाटय, समुदीरय, चालय, समुद्वासय, अवरुध्, उदाकृ, उत्कालय, उद्धू, त्याजय, नाशय, विप्रवासय, विवासय, समाक्षिप्, व्यपरोपय, व्यस्, संचालय, सञ्चालय, निर्विवह्, निर्हन्, निर्हृ, दालय, निस्त्यज्, उदस्, उत्क्लिश्, अपच्यु, अवहन्, अपरुध्, उदज्, उद्वस्, जि, निष्कृ, परिनिर्हन्, परिवृज्, प्रामर्जय, वितथीकृ, विरोपय;

These Also : hampered; block;