संस्कृत — हिन्दी
प्रकाशय — ग्रन्थमुद्रणद्वारा सार्वजनीनकरणानुकूलः व्यापारः।; "सः इदानीं यावत् पुस्तद्वयं प्रकाशयति।" (verb)
इन्हें भी देखें :
प्रकाशय, उज्ज्वलय;
सिन्धः;
वृत्तान्तलेखकः;
प्रकाशय, भिद्, उद्घाटय, निरी, अपोर्णु;
विवृ, प्रकाशय, व्यञ्जय, प्रकटीकृ, स्पष्टीकृ, भिद्, भेदय;
विवृ, व्याख्या, व्याचक्ष्, निरूपय, द्योतय, व्यंज्, व्यञ्ज्, व्यंजय, व्यञ्जय, स्फुटीकृ, विशदीकृ, व्याकृ, प्रवच्, प्रकाशय, स्पष्टीकृ;
परावर्तित;
अज्ञानम्, अविद्या, अहम्मतिः, तमः, मोहः, महामोहः, तामिस्रम्, अन्धतामिस्रम्;
These Also :
illuminate;